2026 में भारतीय शहरों में साइकिल चलाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है — सेहत के लिए, पर्यावरण के लिए और ट्रैफिक से बचने के लिए। लेकिन शहरी सड़कों पर साइकिल चलाना जोखिम भरा भी हो सकता है। इन 7 जरूरी नियमों से आपकी हर राइड सुरक्षित होगी।

हेलमेट — कोई समझौता नहीं

हेलमेट सिर की गंभीर चोटों का खतरा 70 प्रतिशत तक कम करता है। सही साइज का हेलमेट लें जो सिर पर टाइट बैठे और स्ट्रैप ठोड़ी के नीचे कसा हो। छोटी दूरी के लिए भी हेलमेट पहनें — ज्यादातर हादसे घर के 5 किलोमीटर के दायरे में होते हैं, इसलिए कोई भी राइड बिना हेलमेट के नहीं।

दिखना ही बचना है

रात में या धुंध में रिफ्लेक्टिव जैकेट पहनें और साइकिल पर आगे सफेद व पीछे लाल लाइट जरूर लगाएं। ड्राइवर को आपको देखना ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है — चमकदार कपड़े और लाइट्स पर कंजूसी न करें, ये सस्ते हैं पर जान बचाते हैं।

ट्रैफिक नियमों का पालन करें

हमेशा बाईं ओर चलें, सिग्नल का पालन करें और अचानक लेन न बदलें। हाथ के इशारे से मुड़ने की जानकारी दें। साइकिल को भी ट्रैफिक के नियम मानने वाला वाहन समझें — गलत दिशा में चलना सबसे खतरनाक गलती है, जिससे आमने-सामने की टक्कर होती है।

रूट और साइकिल की तैयारी

व्यस्त सड़कों की जगह गली-मोहल्लों और सर्विस लेन वाले रूट चुनें। निकलने से पहले ब्रेक, टायर प्रेशर और चेन चेक करें। निकलने से पहले 2 मिनट का सेफ्टी चेक — ब्रेक, बेल और लाइट — हर बड़ी परेशानी से बचाता है, इसे आदत बना लें।

मानसून और रात की राइडिंग

बारिश में ब्रेक कम पकड़ते हैं, इसलिए स्पीड आधी रखें और गड्ढों से बचें। रात में राइड करनी हो तो फ्रंट और रियर दोनों लाइट्स जलाएं। गीली सड़क पर ब्रेक लगाने की दूरी सूखी सड़क से दोगुनी होती है — इसलिए मानसून में स्पीड हमेशा आधी रखें, जल्दबाजी सबसे बड़ा दुश्मन है।

सुरक्षित साइकिलिंग का मंत्र सरल है — दिखो, नियम मानो और सतर्क रहो। इन आदतों से शहर की सड़कों पर आपकी हर राइड मजेदार और सुरक्षित होगी।