घंटों बैठकर काम करना सेहत का दुश्मन है — इसीलिए स्टैंडिंग डेस्क लोकप्रिय हो रहे हैं। पर सिर्फ़ खड़े रहना काफी नहीं; सही मूवमेंट से ही फायदा मिलता है। ये 7 आसान एक्सरसाइज़ काम के बीच में करें, बिना डेस्क छोड़े।
गर्दन और कंधों की राहत
स्क्रीन देखते-देखते गर्दन अकड़ जाती है। धीरे-धीरे गर्दन को दाएं-बाएं और ऊपर-नीचे घुमाएं, हर दिशा में 10 सेकंड रुकें। कंधों को कानों तक उठाकर 5 सेकंड रोकें, फिर ढीला छोड़ें — 10 बार दोहराएं। स्क्रीन आंखों के लेवल पर रखें — झुकी गर्दन ही सबसे बड़ी समस्या है।
कमर और पीठ के लिए स्ट्रेच
खड़े-खड़े कमर को धीरे-धीरे दाएं-बाएं मोड़ें, हाथ कमर पर रखें। फिर हल्का सा पीछे झुककर छाती खोलें — 15 सेकंड रुकें। यह बैठने से सिकुड़ी रीढ़ को राहत देता है। दर्द होने पर ज़ोर न लगाएं — हल्का खिंचाव ही काफी है।
पैरों की एक्सरसाइज़
एड़ियां उठाकर पंजों पर खड़े हों, 5 सेकंड रुकें — 15 बार। फिर एक पैर पर खड़े होकर संतुलन बनाएं, हर पैर 30 सेकंड। पैरों की उंगलियों से फर्श को "पकड़ने" की कोशिश करें। एंटी-फटीग मैट पर खड़े हों — सख्त फर्श पर लंबे समय तक खड़े रहना पैरों के लिए हानिकारक है।
रूटीन बनाएं
हर 30 मिनट में 2 मिनट का मूवमेंट ब्रेक लें — फोन में रिमाइंडर लगाएं। खड़े और बैठे रहने को बदल-बदल कर करें; लगातार 2 घंटे से ज़्यादा खड़े न रहें। पानी की बोतल डेस्क से दूर रखें ताकि उठना पड़े। छोटी-छोटी हरकतें रोज़ करने से बड़े बदलाव आते हैं — निरंतरता ही असली एक्सरसाइज़ है।
स्टैंडिंग डेस्क तभी फायदेमंद है जब आप हिलते-डुलते रहें। आज से ही ये एक्सरसाइज़ शुरू करें — आपकी पीठ आपको धन्यवाद देगी।