अगर आपका बच्चा घंटों गेम खेलता है, तो क्यों न उसे गेम बनाना सिखाया जाए? स्क्रैच MIT द्वारा बनाई गई एक मुफ़्त प्लेटफॉर्म है जहां बच्चे रंग-बिरंगे ब्लॉक्स को जोड़कर गेम, कहानी और एनिमेशन बनाते हैं — बिना कोड की एक भी लाइन लिखे। 2026 में यह बच्चों को कोडिंग सिखाने का सबसे मज़ेदार तरीका है।
स्क्रैच क्या है और बच्चे इसे क्यों पसंद करते हैं
स्क्रैच में कोडिंग पहेली के टुकड़ों जैसी है — ब्लॉक्स को खींचकर जोड़ो और कैरेक्टर हिलने लगता है। गलती होने पर भी कुछ बिगड़ता नहीं, इसलिए बच्चे डर के बिना प्रयोग करते हैं। स्क्रैच की सबसे बड़ी ताकत है तुरंत नतीजा — बच्चा 10 मिनट में अपना पहला गेम चलता देखता है।
किस उम्र में कौन सा प्रोजेक्ट
7 से 9 साल: सरल एनिमेशन और इंटरैक्टिव कहानियां। 10 से 12 साल: स्कोर वाले गेम और क्विज़। 13 साल से ऊपर: मल्टी-लेवल गेम और फिर Python जैसी असली भाषा की ओर कदम। उम्र से ज़्यादा बच्चे की रुचि मायने रखती है। बच्चे को अपनी पसंद का प्रोजेक्ट चुनने दें — थोपी हुई पढ़ाई कभी काम नहीं करती।
फ्री रिसोर्स और सीखने के तरीके
स्क्रैच की आधिकारिक वेबसाइट पर मुफ़्त ट्यूटोरियल, स्टार्टर प्रोजेक्ट और लाखों बच्चों के बनाए गेम हैं। वीडियो प्लेटफॉर्म पर हिंदी में भी कई अच्छी प्लेलिस्ट मिलती हैं। रोज़ 30 मिनट का अभ्यास हफ़्ते में एक क्लास से बेहतर है। बच्चे को दूसरों के प्रोजेक्ट से प्रेरणा लेकर अपना वर्ज़न बनाने दें — यहीं से असली सीख शुरू होती है।
पैरेंट्स के लिए 4 टिप्स
पहला: खुद भी थोड़ा सीखें ताकि बच्चे के साथ बात कर सकें। दूसरा: स्क्रीन टाइम को बनाने और देखने में बांटें — कुछ बनाना हमेशा सिर्फ़ देखने से बेहतर है। तीसरा: बच्चे के प्रोजेक्ट की खास बताकर तारीफ करें। चौथा: गलती पर डांटें नहीं, गलती सुधारना ही असली सीख है। आपका काम सिखाना नहीं, जिज्ञासा को ज़िंदा रखना है।
आज का स्क्रैच प्रोजेक्ट कल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नींव हो सकता है — या सिर्फ़ एक खुशहाल बचपन की याद। दोनों ही जीत हैं। आज ही स्क्रैच की वेबसाइट खोलें और बच्चे के साथ पहला ब्लॉक्स वाला गेम बनाएं।