लैपटॉप की 14 इंच स्क्रीन पर दो विंडो खोलना जंग जैसा लगता है — एक तरफ कोड, दूसरी तरफ डॉक्यूमेंट, और लगातार टैब बदलना। 2026 के पोर्टेबल मॉनिटर इस दिक्कत को खत्म करते हैं: बैग में फिट होने वाली दूसरी स्क्रीन, एक केबल से जुड़ती है। जानिए साइज़, रेज़ोल्यूशन और पावर में क्या देखें।

सही साइज़ चुनें

15.6 इंच सबसे लोकप्रिय साइज़ है — लैपटॉप जैसा अनुभव, बैग में आसानी से। 13.3 इंच ज़्यादा पोर्टेबल है, 17 इंच डेस्क जैसे काम के लिए। वज़न 1 किलो से कम होना चाहिए, वरना रोज़ साथ ले जाना मुश्किल होगा।

रोज़ यात्रा करते हैं तो 15.6 इंच से बड़ा न लें — वज़न ही सबसे बड़ा दुश्मन है।

रेज़ोल्यूशन और पैनल क्वालिटी

फुल HD रोज़ के काम के लिए काफी है, लेकिन टेक्स्ट शार्प चाहिए तो 2K बेहतर है। IPS पैनल हर एंगल से साफ दिखता है — TN पैनल सस्ते होते हैं पर रंग फीके लगते हैं। ब्राइटनेस 300 निट्स से कम न हो।

डिज़ाइन या फोटो एडिटिंग करते हैं तो कलर एक्यूरेसी वाला IPS पैनल ही लें।

एक केबल कनेक्टिविटी

2026 के बेस्ट मॉडल USB-C की एक ही केबल से वीडियो और पावर दोनों लेते हैं — कोई अलग चार्जर नहीं। पुराने लैपटॉप के लिए mini-HDMI पोर्ट भी होना चाहिए। टचस्क्रीन वाले मॉडल प्रेजेंटेशन में काम आते हैं।

खरीदने से पहले अपने लैपटॉप के USB-C पोर्ट का डिस्प्ले सपोर्ट ज़रूर जांचें।

बैटरी और एक्स्ट्रा फीचर्स

कुछ पोर्टेबल मॉनिटर में अपनी बैटरी होती है — फोन से भी चल जाते हैं। बिल्ट-इन स्पीकर, ब्लू लाइट फिल्टर और ऑटो-रोटेट जैसे फीचर काम के हैं। कवर-स्टैंड डिवाइस को सुरक्षित भी रखता है।

बिल्ट-इन बैटरी वाला मॉडल फोन और टैबलेट के साथ भी काम करता है।

सही पोर्टेबल मॉनिटर आपके लैपटॉप को डुअल-स्क्रीन पावरहाउस बना देता है — कैफे हो, ट्रेन हो या घर। साइज़, पैनल और कनेक्टिविटी जांचें, और कहीं से भी बड़ा काम करें।