रासायनिक स्प्रे से घर के कीड़े तो मरते हैं, पर बच्चों और पालतुओं के लिए ख़तरा भी बनते हैं। ज़्यादातर आम कीटों को नैचुरल तरीक़ों से कंट्रोल किया जा सकता है — सस्ता, सुरक्षित और असरदार। सबसे अहम सिद्धांत: कीटों को मारने से बेहतर है उन्हें आने ही न देना — रोकथाम ही असली इलाज है।
1. चींटियों से छुटकारा
चींटियों के रास्ते पर सिरका-पानी (1:1) स्प्रे करें — इससे उनकी गंध-रेखा मिटती है। दरारों में दालचीनी पाउडर या नींबू के छिलके रखें। एक चींटी दिखे तो नज़रअंदाज़ न करें; पूरी कॉलोनी पीछे आती है।
2. कॉकरोच कंट्रोल
बेकिंग सोडा + चीनी (1:1) का मिश्रण कोनों में रखें — चीनी आकर्षित करती है, सोडा काम करता है। सिंक के नीचे नमी न रहने दें। कॉकरोच नमी और बचे खाने पर पलते हैं; रसोई सूखी और साफ़ रखें।
3. मच्छरों से बचाव
कूलर, गमले की ट्रे और टंकी में पानी जमा न होने दें — मच्छर रुके पानी में पनपते हैं। नीम का तेल या सिट्रोनेला कैंडल शाम को जलाएँ। रुका पानी ही मच्छरों की जड़ है; हफ़्ते में एक बार सारी ट्रे खाली करें।
4. चूहों को दूर रखें
दीवारों की दरारें स्टील वूल से बंद करें — चूहे इसे कुतर नहीं पाते। खाने का सामान एयरटाइट डिब्बों में रखें। पुदीने का तेल कॉटन पर लगाकर कोनों में रखें। चूहे खाने की गंध पर आते हैं; स्टोरेज एयरटाइट हो तो आधी समस्या ख़त्म।
5. दीमक के शुरुआती संकेत
लकड़ी में खोखली आवाज़, मिट्टी की पतली सुरंगें या पंखों वाले कीड़ों के झुंड — ये दीमक के संकेत हैं। दिखते ही प्रोफेशनल को बुलाएँ। दीमक DIY से कंट्रोल नहीं होती; देरी से घर का ढाँचा ख़तरे में पड़ता है।
6. हफ़्तावार रोकथाम रूटीन
कूड़ा रोज़ निकालें, बर्तन रातभर न छोड़ें, दरवाज़े-खिड़कियों की जाली चेक करें। 15 मिनट की हफ़्तावार सफ़ाई महँगे पेस्ट कंट्रोल से बेहतर बचाव है।