पंखे की तेज़ आवाज़, गर्म कीबोर्ड और अचानक धीमा हो जाना — ये ओवरहीटिंग के साफ संकेत हैं। ज़्यादा गर्मी प्रोसेसर की उम्र घटाती है और बैटरी को भी नुकसान पहुंचाती है। अच्छी खबर: ज़्यादातर मामलों में महंगी मरम्मत की ज़रूरत नहीं, ये 9 उपाय काफी हैं।
हवा का रास्ता साफ रखें
लैपटॉप को बिस्तर या गोद में न रखकर सख्त, समतल सतह पर रखें — नीचे के वेंट बंद होते ही गर्मी फंस जाती है। कूलिंग पैड (पंखे वाला स्टैंड) 5-10 डिग्री तक तापमान घटा देता है। साल में एक-दो बार वेंट की धूल कंप्रेस्ड एयर से साफ करें।
सॉफ्टवेयर से गर्मी कम करें
टास्क मैनेजर में देखें कौन सा प्रोग्राम CPU खा रहा है — बैकग्राउंड में चल रहे भारी ऐप बंद करें। पावर प्लान को "Best performance" की जगह "Balanced" पर रखें। ब्राउज़र के दर्जनों टैब भी गर्मी बढ़ाते हैं; काम के टैब ही खोलें।
सेटिंग और आदतें बदलें
धूप या गर्म कमरे में लैपटॉप न चलाएं। चार्ज करते समय भारी गेम या वीडियो एडिटिंग से बचें — चार्जिंग खुद गर्मी पैदा करती है। कुछ लैपटॉप में BIOS/ऐप से फैन स्पीड बढ़ाई जा सकती है।
कब एक्सपर्ट को दिखाएं
अगर सफाई के बाद भी 90°C से ऊपर तापमान रहे, पंखा अजीब आवाज़ करे या लैपटॉप अपने-आप बंद हो जाए — तो थर्मल पेस्ट बदलने या पंखा ठीक करने के लिए सर्विस सेंटर जाएं। खुद खोलने से वारंटी खत्म हो सकती है।
ठंडा लैपटॉप = तेज़ लैपटॉप + लंबी उम्र। आज ही वेंट चेक करें और कूलिंग पैड पर विचार करें।