घर का एक कमरा अब आपका ऑफिस है — बिजली, इंटरनेट, फर्नीचर, सब काम पर खर्च हो रहा है। कई देशों के टैक्स नियमों में होम ऑफिस के खर्चों पर टैक्स कटौती (deduction) मिलती है, लेकिन गलत क्लेम करने पर ऑडिट और जुर्माने का खतरा भी है। यहां 2026 के बुनियादी नियम समझें।

1. कौन क्लेम कर सकता है

आमतौर पर फ्रीलांसर और स्व-रोज़गार वालों को यह सुविधा मिलती है — जगह सिर्फ और नियमित रूप से काम के लिए इस्तेमाल होनी चाहिए। ड्रॉइंग रूम का कोना जहां बच्चे भी खेलते हैं, क्वालिफाई नहीं करता — अलग, समर्पित कार्यक्षेत्र ज़रूरी है। अपने देश के ताज़ा नियम ज़रूर जांचें।

2. कौन से खर्च गिने जाते हैं

किराए या ब्याज का आनुपातिक हिस्सा, बिजली, इंटरनेट, ऑफिस फर्नीचर और मरम्मत। हर खर्च की रसीद संभालकर रखें — बिना सबूत का क्लेम ऑडिट में खारिज हो जाता है। कमरे के क्षेत्रफल के हिसाब से प्रतिशत निकालें।

3. दो तरीके: सरल या वास्तविक

कई जगह फिक्स्ड रेट (प्रति वर्गफुट तय राशि) या वास्तविक खर्च — दो विकल्प होते हैं। छोटे होम ऑफिस के लिए सरल तरीका आसान है, बड़े खर्च वालों के लिए वास्तविक हिसाब ज्यादा बचत देता है — दोनों की तुलना करके चुनें।

4. ये गलतियां न करें

पूरे घर का खर्च क्लेम करना, निजी और काम के खर्च मिलाना, या बिना रिकॉर्ड के अनुमान लगाना। संदेह हो तो टैक्स सलाहकार से पूछें — छोटी फीस बड़े जुर्माने से बचाती है।

टैक्स के नियम हर देश में अलग हैं, इसलिए स्थानीय नियमों की पुष्टि ज़रूर करें — और सही क्लेम से अपनी मेहनत की कमाई बचाएं।