ड्रोन अब सिर्फ़ शौकीनों का खिलौना नहीं — फोटोग्राफी, वीडियो, खेती और सर्वे में इसका इस्तेमाल बढ़ रहा है। 2026 में ₹5,000 के टॉय ड्रोन से लेकर ₹2 लाख के प्रो कैमरा ड्रोन तक विकल्प हैं। खरीदने से पहले अपना मकसद तय करें, क्योंकि मकसद ही सही ड्रोन चुनता है।
बिगिनर ड्रोन: सीखने का सही साथी
पहला ड्रोन हल्का, सस्ता और मज़बूत होना चाहिए — क्रैश तो होगा ही! हेडलेस मोड, एक बटन लैंडिंग और प्रोपेलर गार्ड वाले मॉडल चुनें। ₹8,000-₹15,000 में अच्छे बिगिनर ड्रोन मिलते हैं। पहले सस्ते ड्रोन पर उड़ान सीखें, फिर महंगा कैमरा ड्रोन लें — क्रैश का नुकसान कम होगा।
कैमरा ड्रोन: क्या देखें?
फोटोग्राफी के लिए 4K कैमरा, 3-एक्सिस गिम्बल (स्थिर वीडियो के लिए), 25+ मिनट फ्लाइट टाइम और ऑब्स्टेकल अवॉइडेंस सेंसर ज़रूरी हैं। बड़े सेंसर वाला कैमरा कम रोशनी में बेहतर तस्वीर देता है। गिम्बल सबसे अहम है — बिना गिम्बल के वीडियो कांपेगा, चाहे कैमरा कितना भी अच्छा हो।
कानून और रजिस्ट्रेशन: नज़रअंदाज़ न करें
भारत में 250 ग्राम से भारी ड्रोन का Digital Sky पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है। नैनो ड्रोन (250g से कम) को रजिस्ट्रेशन से छूट है, पर नियम फिर भी लागू होते हैं। हवाई अड्डों, सैन्य इलाकों और भीड़ के ऊपर उड़ान प्रतिबंधित है। उड़ाने से पहले हमेशा स्थानीय नियम जांचें — जुर्माना और ड्रोन ज़ब्ती से बचना आसान है।
एक्स्ट्रा खर्च का हिसाब
ड्रोन की कीमत के अलावा एक्स्ट्रा बैटरी, कैरी केस, ND फिल्टर और बीमा का बजट रखें। एक बैटरी 25 मिनट चलती है — गंभीर शूटिंग के लिए 2-3 बैटरी चाहिए। कुल बजट का 20% एक्सेसरीज़ के लिए अलग रखें, वरना ड्रोन आधा-अधूरा रहेगा।
सही ड्रोन वही है जो आपके हुनर और मकसद से मेल खाए। धीरे शुरुआत करें, नियम सीखें, और आसमान की खूबसूरती कैमरे में कैद करें — ज़िम्मेदारी के साथ।