साइकिलिंग सबसे सस्ता व्यायाम है — न जिम की फीस, न पेट्रोल का खर्च, और ताज़ी हवा मुफ़्त। पर गलत साइकिल या गलत तरीके से शुरुआत करने पर घुटनों में दर्द और हादसों का खतरा रहता है। यह गाइड आपको सही चुनाव से पहली सुरक्षित राइड तक पहुंचाएगी।
अपने काम की सही साइकिल चुनिए
शहर की सड़कों के लिए हाइब्रिड साइकिल, कच्चे रास्तों के लिए माउंटेन बाइक और लंबी दूरी के लिए रोड बाइक होती है। शुरुआती लोगों के लिए हाइब्रिड साइकिल सबसे सही रहती है — आरामदायक और हर तरह के रास्ते पर चलने वाली। साइज़ ज़रूर चेक कीजिए: सीट पर बैठकर पैर का पंजा ज़मीन छूना चाहिए। सेकंड-हैंड अच्छी साइकिल भी बजट में बेहतरीन विकल्प है।
हेलमेट और ज़रूरी गियर न भूलिए
हेलमेट कोई विकल्प नहीं, ज़रूरत है — सिर की एक चोट पूरी ज़िंदगी बदल सकती है, इसलिए मानक वाला अच्छा हेलमेट ही लें। इसके साथ आगे-पीछे की लाइट, घंटी और एक छोटा ताला ज़रूर रखिए। रात में चमकीले या रिफ्लेक्टिव कपड़े पहनिए ताकि गाड़ियों को आप दिखें।
सीट की ऊंचाई सही रखिए
सबसे आम गलती है सीट बहुत नीची रखना, जिससे घुटनों में दर्द होता है। पैडल सबसे नीचे हो तब पैर लगभग सीधा रहे — बस हल्का-सा मोड़ बाकी रहे। हैंडल की ऊंचाई ऐसी हो कि पीठ सीधी रहे, झुकना न पड़े। पहले हफ़्ते छोटी राइड में ही सेटिंग ठीक कर लीजिए।
धीरे-धीरे शुरुआत कीजिए
पहले दिन 20 किलोमीटर का लक्ष्य न रखिए। पहले हफ़्ते रोज़ 15–20 मिनट समतल रास्ते पर चलाइए, फिर हर हफ़्ते 10% दूरी बढ़ाइए। शरीर को आदत डालने में 3–4 हफ़्ते लगते हैं। हफ़्ते में एक दिन आराम ज़रूर कीजिए — मांसपेशियां आराम में ही मज़बूत होती हैं।
सड़क पर सुरक्षा के नियम अपनाइए
हमेशा बाईं ओर चलिए, हाथ के इशारे से मुड़ने की सूचना दीजिए और कान में ईयरफोन लगाकर कभी न चलिए — ट्रैफ़िक की आवाज़ सुनना ज़रूरी है। बड़ी गाड़ियों से दूरी बनाए रखिए और चौराहों पर अतिरिक्त सावधान रहिए। पार्क या खाली सड़क पर पहले ब्रेक और संतुलन का अभ्यास कर लीजिए।