शादी का मतलब कर्ज़ नहीं, खुशियां हैं। सही प्लानिंग से आप आधी लागत में भी उतनी ही खूबसूरत शादी कर सकते हैं — बस पैसा सही जगह लगाना आना चाहिए। 2026 के ट्रेंड तो वैसे भी सादगी और पर्सनल टच की ओर हैं।
गेस्ट लिस्ट: सबसे बड़ी बचत यहीं है
हर मेहमान का मतलब खाना, कुर्सी और जगह का खर्च। 300 की जगह 100-150 करीबी लोगों की शादी ज़्यादा आत्मीय भी लगती है। नियम सीधा है: जिसे आप नाम से नहीं जानते, उसे न्योता न भेजें।
वेन्यू पर स्मार्ट चुनाव
वीकेंड की जगह वीकडे (गुरुवार-शुक्रवार) पर वेन्यू 20-30% सस्ता मिलता है। शादी के सीज़न से बाहर या दोपहर के फंक्शन भी किफ़ायती होते हैं। घर का लॉन, फार्महाउस या कम्युनिटी हॉल — सादगी में भी शानदार सजावट संभव है।
डेकोर और खाना: DIY का जादू
फेयरी लाइट्स, गेंदा-गुलाब के फूल और किराए के ड्रेप्स से हज़ारों की बचत होती है। खाने में 20 आइटम की जगह 8-10 बढ़िया डिश रखें — मेहमान वैरायटी नहीं, स्वाद याद रखते हैं। लाइव काउंटर की जगह अच्छी बुफे सर्विस सस्ती पड़ती है।
फोटो-वीडियो में समझदारी
पूरे दिन के पैकेज की जगह सिर्फ मुख्य फंक्शन के लिए फोटोग्राफर बुक करें। प्री-वेडिंग शूट की जगह किसी खूबसूरत लोकेशन पर दोस्तों से ही तस्वीरें खिंचवाएं — 2026 में कैंडिड फोन फोटोग्राफी भी ट्रेंड में है।
अंत में: बजट का 10% इमरजेंसी के लिए अलग रखें — शादी में आखिरी वक्त के खर्चे हमेशा निकलते हैं। और याद रखें, मेहमान सजावट भूल जाते हैं, पर आपका सुकून और मुस्कान हमेशा याद रहती है।