2026 में 200 डॉलर से कम के फोन भी इतने अच्छे हो गए हैं कि ज़्यादातर लोगों को महंगे फ्लैगशिप की ज़रूरत ही नहीं। लेकिन बजट सेगमेंट में जाल भी बहुत हैं — चमकदार बॉक्स के अंदर कमज़ोर चिप या 2 साल पुराना सॉफ्टवेयर छिपा हो सकता है। सही चुनाव के लिए ये गाइड पढ़ें।

सबसे पहले क्या देखें: बैटरी और अपडेट्स

बजट फोन में सबसे अहम दो चीज़ें हैं — 5000mAh या बड़ी बैटरी, और कम से कम 3 साल के सॉफ्टवेयर अपडेट्स का वादा। बिना अपडेट के फोन 18 महीने में धीमा और असुरक्षित हो जाता है। खरीदने से पहले कंपनी की अपडेट पॉलिसी ज़रूर चेक करें; यही एक फोन को 2 साल चलने वाला बनाता है या 4 साल।

कैमरा: मेगापिक्सल के जाल में न फंसें

50MP या 108MP का नंबर देखकर खुश न हों — बजट फोन में कैमरे की असली क्वालिटी सेंसर के साइज़ और सॉफ्टवेयर प्रोसेसिंग से तय होती है। खरीदने से पहले YouTube पर उस मॉडल की असली फोटो सैंपल देखें, खासकर रात की फोटोग्राफी। दिन की रोशनी में तो आजकल हर फोन अच्छा दिखता है।

चिप और RAM: रोज़मर्रा की स्पीड

WhatsApp, YouTube और हल्की गेमिंग के लिए 6GB RAM और मिड-रेंज चिप काफी है। 4GB RAM वाले फोन 2026 में न लें — 2 साल बाद ऐप्स इतने भारी हो जाएंगे कि फोन अटकने लगेगा। स्टोरेज कम से कम 128GB हो, क्योंकि 64GB में सिस्टम खुद आधी जगह खा लेता है।

बचने वाले जाल

फ्लैश सेल के दबाव में आकर बिना रिव्यू पढ़े फोन न खरीदें। "5G" लिखा होना ही काफी नहीं — चेक करें कि आपके इलाके के बैंड्स सपोर्टेड हैं या नहीं। रिफर्बिश्ड फ्लैगशिप भी एक अच्छा विकल्प है: 2 साल पुराना प्रीमियम फोन अक्सर नए बजट फोन से बेहतर कैमरा और बिल्ड देता है, बस बैटरी हेल्थ चेक करवा लें।