रात को करवटें बदलते रहना, सुबह थकान के साथ उठना — यह आज हर तीसरे व्यक्ति की कहानी है। अच्छी नींद कोई लक्ज़री नहीं, सेहत की नींव है: याददाश्त, इम्यूनिटी, वज़न और मूड — सब नींद से जुड़े हैं। विज्ञान से साबित ये 10 आदतें आपकी नींद बदल सकती हैं।

नींद का साइकल समझें

हमारी नींद 90 मिनट के साइकल में चलती है — गहरी नींद और सपने वाली नींद बारी-बारी आती है। एक वयस्क को 7–9 घंटे, यानी 5–6 पूरे साइकल चाहिए। बीच में उठना अक्सर साइकल टूटने से होता है। रोज़ एक ही समय पर सोना और उठना — छुट्टी के दिन भी — शरीर की घड़ी को सेट करता है। यही सबसे पावरफुल आदत है।

सोने से पहले की 1-घंटे की रूटीन

सोने से 1 घंटा पहले स्क्रीन बंद करें — फोन की नीली रोशनी नींद के हार्मोन (मेलाटोनिन) को रोकती है। इसकी जगह किताब पढ़ें, हल्का स्ट्रेच करें या गुनगुना दूध पिएं। कमरे की लाइट धीमी करें — यह दिमाग को "सोने का समय" का सिग्नल देता है। कल की टू-डू लिस्ट लिख लें, ताकि दिमाग में विचार न घूमें।

बेडरूम को नींद के लिए बनाएं

बेडरूम ठंडा, अंधेरा और शांत होना चाहिए — 18–20°C आदर्श तापमान है। ब्लैकआउट पर्दे या स्लीप मास्क लगाएं। बिस्तर सिर्फ़ सोने के लिए इस्तेमाल करें — बिस्तर पर काम या फोन चलाने से दिमाग कंफ्यूज़ होता है। गद्दा और तकिया आरामदायक हों; गर्दन दर्द नींद का दुश्मन है।

दिन की आदतें रात की नींद तय करती हैं

सुबह की धूप 10–15 मिनट शरीर की घड़ी सेट करती है — यह सबसे असरदार और मुफ़्त उपाय है। दोपहर 2 बजे के बाद कैफीन (चाय-कॉफी) बंद करें — इसका असर 8 घंटे रहता है। रोज़ 30 मिनट की एक्सरसाइज़ नींद गहरी करती है, लेकिन सोने से 3 घंटे पहले भारी वर्कआउट न करें। दिन की झपकी 20 मिनट से ज़्यादा न लें।

कब डॉक्टर से मिलें

अगर 3 हफ़्ते से ज़्यादा नींद की समस्या है, दिन में नींद आती है, या खर्राटों के साथ सांस रुकती है — तो यह स्लीप डिसऑर्डर हो सकता है। नींद की गोली डॉक्टर की सलाह के बिना न लें — आदत पड़ जाती है। ज़्यादातर मामलों में ऊपर की आदतें ही काफी होती हैं।

अच्छी नींद खरीदी नहीं, बनाई जाती है — एक-एक आदत से। आज रात से ही स्क्रीन 1 घंटा पहले बंद करके शुरुआत करें।